विकास खंड चकराता में जन यातायात की स्थिति
चकराता में जन यातायात की समस्या ।
विकास खंड चकराता, जनपद देहरादून का एक दुर्गम पर्वतीय विकास खंड है, इसका बड़ा क्षेत्रफल तथा फैलाव व भौगोलिक स्थिति इसको दुर्गम बनाती है । विकास खंड चकराता का मुख्यालय चकराता ही स्थित है जहां पर अन्य सभी कार्यालय यथा, तहसील, विकास खंड कार्यालय, खंण्ड शिक्षा तथा उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय भी स्थित हैं । चकराता शहर एक फौजी छावनी है जिसकी स्थापना अंग्रेजों द्वारा वर्ष 1869 में कई गयी थी, इसी कारण से यहां पर जो भी भूमि।उपलब्ध है वह सैन्य नियंत्रण में है तथा राज्य सरकार के बहुत सारे कार्यालयों हेतु भी भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है । चकराता शहर में पुलिस थाना, तहसील, उप जिलाधिकारी आवास, खंण्ड कार्यालय तथा खंण्ड विकास अधिकारी आवास तथा स्वास्थ्य केंद्र ही स्थित है । राजकीय इंटर कॉलेज चकराता जिसमे मात्र 11व 12 की कक्षा संचालित होती हैं, उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय विकास खंड कालसी की भौगोलिक सीमा में चकराता से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर चकराता मसूरी मोटर मार्ग पर पुरोड़ी नामक स्थान पर स्थित है ।
कदाचित इन कार्यालयों हेतु चकराता शहर में सैन्य प्रशासन द्वारा राज्य सरकार को भूमि नही दी गयी होगी । चकराता मुख्यालय इस विकास खंड का आरंभिक बिंदु है जहां से इस विकास खंड की सीमा प्रारम्भ होकर, यहां से करीब 100 किलोमीटर की दूरी पर प्रसिद्ध महासू देवता मंदिर, हनोल से भी कुछ आगे, जनपद उत्तरकाशी के मोरी विकास खंड तक तथा ट्यूनी से ही लगभग 55 से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कात्यान, भटाड से भी आगे दांगुथा, पट्यूड गांव तक जाती है । चकराता विकास खंड के कुछ बड़े क्षेत्रों जैसे कोटा तापलाद व लाखामंडल तथा क्वानु व अताल जैसे क्षेत्रों तक जाने के लिए चकराता से जाने के बजाय नीचे कालसी से ही यमुनोत्री राजमार्ग तथा कालसी से शुरू होकर टोंस नदी के किनारे किनारे, कुछ हिस्सा हिमाचल प्रदेश की सीमा से होकर ट्यूनी तक पहुंचा जा सकता है ।
यह मार्ग ट्यूनी से आगे उत्तरकाशी से आराकोट तथा हिमाचल के रोहड़ू तक चला जाता है । विकास खंड में यात्रा करने हेतु इन तीन मुख्य मार्गों यथा कालसी से ट्यूनी, अताल मीनस होकर तथा कालसी से चकराता होकर ट्यूनी तक तथा विकास नगर से यमुनोत्री राजमार्ग पर रोडवेज की बस सेवा सुबह 5 व 8 बजे मिल जाती हैं । इस समय के बाद इन तीनो ही मार्गों पर स्थानीय वाहन बोलेरो या यूटिलिटी ही मिल पाती हैं । विकास खंड के एक अन्य मुख्य मार्ग पर अभी रोडवेज की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है जो कि चकराता से प्रारंभ होकर क्वानसी तथा गोरा घाटी होते हुए लाखामंडल तक जाता है जिसकी दूरी लगभग 65 किलोमीटर है ।
विकास खंड के बहुत सारे ऐसे गांव हैं जो इन मुख्य मार्गों पर स्थित नहीं हैं, तथा जो अभी कुछ वर्षों से सड़क मार्ग से जुड़ सके हैं । इन ऐसे गांव जिनकी सड़कें ज्यादातर कच्ची ही हैं तक पहुंच पाने का साधन या तो स्वयं का ही वाहन है या फिर गांव गांव से विकास नगर के लिए चलने वाली यूटिलिटी ही होती हैं जो प्रत्येक गांव से सुबह ही विकास नगर के लिए निकल पड़ती हैं तथा वापसी में विकास नगर से लगभग 2 बजे तक गांव का सामान, तथा गांव वालों के साथ अपने अपने गंतव्य हेतु लदी हुई निकल पड़ती हैं । इन गाड़ियों के अंदर तथा बाहर समान के ऊपर काफी संख्या में लोग बैठ कर सफर करते देखे जा सकते हैं । इसका कारण यही है कि इन दुर्गम रास्तों व कच्ची सड़कों पर इन गांव तक पहुंच पाने का कोई अन्य साधन नही मिल पाता । यदि किसी गाँव की यूटिलिटी उस गांव के निवासी से विकास नगर या चकराता भी मिस हो जाती है तो उसको उस दिन अपने गांव में पहुंच पाने का कोई अन्य दूसरा साधन नही मिलेगा ।
इसी कारण से इन गांव वाली यूटिलिटी में बड़ी संख्या में जान जोखिम में डाल कर लोग सफर करने पर विवश होते हैं । पर्वतीय क्षेत्रों से नीचे विकास नगर या देहरादून जाने हेतु भी इन्ही मुख्य मार्गों पर सुबह सुबह रोडवेज की बस मिल जाती है बाकी समय छोटी गाड़ी ही चकराता से मिल पाती हैं । बाकी सभी गांव से नीचे शहरों तक जाने का साधन वही यूटिलिटी ही होती हैं जो हर गांव से सुबह सुबह ही विकास नगर के लिए प्रस्थान कर देती हैं ।
इस क्षेत्र में कालसी के बाद अगला पेट्रोल पंप ट्यूनी से आगे हिमाचल की सीमा में पन्द्रानु नामक स्थान पर ही स्थित है, बाकी कुछ स्थानों पर शायद खुला ही ईंधन बिक्री होता होगा ।




Very nice... beautifully explained the problems and the routine of hill life👍
ReplyDeleteसटीक विवरण किया है सर आपने ।
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