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जीवन धारा

I started my professional career in 1990 soon after passing my class 12 by joining Indian Navy as a sailor where I spent 15 years and left the Naval job on 31 July 2005. An account of my selections / Non selections are given under. A total of 14 selections in diff jobs Private and Govt.. 06 jobs after leaving Navy in 2005. Selected but not joined 1. Manipal Group at Mangalore, 2005 As Asst Manager Facilities 2. Oberai Hotel at New Delhi, 2005, as Security Officer 3. Espee Bajaj, Jwalapur, 2005 as Sales Executive 4. RPS Roorkee, 2006 as TGT History 5. Sainik School, Ghorakhal, 2007, as TGT History 6. GD Birla School Ranikhet, 2009 as Tgt History 7. IIM Indore, 2013 as Executive Assistant 8. Lecturer, History Govt of Uttarakhand, 2011 9. Office Asst in Commercial Tax dept.. Cleared written test but not the interview 1.CDS, OTA 1997 2. Administrative Officer, Jesus and Mary College, New Delhi 3. IIT Roorkee for the post of Asst Registrar 03 times.. Cleared the written a...

वर्ष 2019 के अंतिम दिन का चिंतन

वर्ष 2019 के अंतिम दिवस का चिंतन । [31/12 07:56] Pankaj Kumar: मैं अपने कार्यालय से शाम को वापस पैदल ही आता हूँ । एक तो 5 किलोमीटर की पैदल यात्रा हो जाती है और शाम को 5 बजे पुरोड़ी से चकराता जाने वाली अन्य सव...

उत्तराखंड में वर्ष 2019 के पंचायत चुनावों का अनुभव

उत्तराखंड के पंचायत चुनावों में इस बार सहायक निर्वाचन अधिकारी ARO की जिम्मेदारी दी गयी । मेरे कार्यस्थल चकराता ब्लॉक में कुल 116 ग्राम पंचायत हैं जिनको कुल 11 न्याय पंचायतों मे...

राजकीय प्राथमिक विद्यालय त्यूणी 1 के पुनर्निमाण में बाधा

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त्यूणी स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय की पुनर्निमाण की समस्या । वर्ष 2015  में पहली अप्रैल को  विकास खंड चकराता में कार्यभार ग्रहण करने के बाद मुझे सबसे पहले दिनांक 12 मई 15 को ट्यूनी स्थित इस विद्यालय में आने का अवसर प्राप्त हुआ । बच्चे बरामदे में बैठे हुए थे, एक कमरे को रसोई घर के रूप में उपयोग में लाया जा रहा था तथा दूसरे की छत की टीन उड़ चुकी थी, वर्ष 1964 में निर्मित इस स्कूल की दीवारों का प्लास्टर झड़ झड़ कर गिर चुका था तथा फर्श का नामोनिशान तक भी मिट चुका था ।  शुक्र था कि स्कूल के जीर्ण शीर्ण भवन ही के पास दो अतिरिक्त कक्ष एक के ऊपर एक बनाये गए थे तथा कुछ बच्चों को उनमे बिठा कर पढ़ाया जा रहा था । उन दोनों अतिरिक्त कक्षा कक्षों की हालत भी कोई ज्यादा अच्छी नहीं थी । किन्तु काम चलाया जा रहा था । मालूम करने पर बताया गया कि विद्यालय पुनर्निमाण हेतु विभाग से दो बार पैसा आ चुका है किंतु भूमि विवाद के कारण दोनों ही बार पैसा वापस भेजना पड़ा जिसके कारण बच्चे इस खंडहर नुमा स्कूल में पढ़ने को विवश थे । अब चूंकि दो बार पैसा वापस जा चु...